प्रादेशिक
412 करोड़ की लागत से नौ रेलवे स्टेशन बनेंगे
इंदौर. एजेंसी। विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या सोचा है? यात्रियों का दबाव खूब रहेगा, निर्माण समयावधि में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए। निर्माण अवधि में ट्रैफिक संबंधी परेशानी के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। भोपाल के कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा संबंधी कार्यों का भी रेलवे के अधिकारी और कंसल्टेंट अवलोकन करें और वहां कुछ अच्छा हो तो इस प्रोजेक्ट में शामिल करें। महापौर भार्गव का कहना था स्टेशन का काम शुरु होने पर ट्रैफिक परेशानी की आनाजाही, गुजराती गर्ल्स कॉलेज की बसें भी प्रभावित करेंगी, निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम के इशु भी हैं प्रशासन के साथ बैठ कर हर मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
412 करोड़ की लागत से नौ रेलवे स्टेशन बनेंगे
इंदौर. एजेंसी। विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या सोचा है? यात्रियों का दबाव खूब रहेगा, निर्माण समयावधि में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए। निर्माण अवधि में ट्रैफिक संबंधी परेशानी के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। भोपाल के कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा संबंधी कार्यों का भी रेलवे के अधिकारी और कंसल्टेंट अवलोकन करें और वहां कुछ अच्छा हो तो इस प्रोजेक्ट में शामिल करें। महापौर भार्गव का कहना था स्टेशन का काम शुरु होने पर ट्रैफिक परेशानी की आनाजाही, गुजराती गर्ल्स कॉलेज की बसें भी प्रभावित करेंगी, निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम के इशु भी हैं प्रशासन के साथ बैठ कर हर मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
412 करोड़ की लागत से नौ रेलवे स्टेशन बनेंगे
इंदौर. एजेंसी। विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या सोचा है? यात्रियों का दबाव खूब रहेगा, निर्माण समयावधि में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए। निर्माण अवधि में ट्रैफिक संबंधी परेशानी के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। भोपाल के कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा संबंधी कार्यों का भी रेलवे के अधिकारी और कंसल्टेंट अवलोकन करें और वहां कुछ अच्छा हो तो इस प्रोजेक्ट में शामिल करें। महापौर भार्गव का कहना था स्टेशन का काम शुरु होने पर ट्रैफिक परेशानी की आनाजाही, गुजराती गर्ल्स कॉलेज की बसें भी प्रभावित करेंगी, निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम के इशु भी हैं प्रशासन के साथ बैठ कर हर मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
412 करोड़ की लागत से नौ रेलवे स्टेशन बनेंगे
इंदौर. एजेंसी। विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या सोचा है? यात्रियों का दबाव खूब रहेगा, निर्माण समयावधि में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए। निर्माण अवधि में ट्रैफिक संबंधी परेशानी के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। भोपाल के कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा संबंधी कार्यों का भी रेलवे के अधिकारी और कंसल्टेंट अवलोकन करें और वहां कुछ अच्छा हो तो इस प्रोजेक्ट में शामिल करें। महापौर भार्गव का कहना था स्टेशन का काम शुरु होने पर ट्रैफिक परेशानी की आनाजाही, गुजराती गर्ल्स कॉलेज की बसें भी प्रभावित करेंगी, निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम के इशु भी हैं प्रशासन के साथ बैठ कर हर मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
412 करोड़ की लागत से नौ रेलवे स्टेशन बनेंगे
इंदौर. एजेंसी। विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या सोचा है? यात्रियों का दबाव खूब रहेगा, निर्माण समयावधि में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए। निर्माण अवधि में ट्रैफिक संबंधी परेशानी के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। भोपाल के कमलापति स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा संबंधी कार्यों का भी रेलवे के अधिकारी और कंसल्टेंट अवलोकन करें और वहां कुछ अच्छा
412 करोड़ की लागत से बनेगा रेलवे स्टेशन
इंदौर को सिंहस्थ के पहले मिल सकती है सौगात इंदौर को सिंहस्थ के पहले मिल सकती है पहले मिल सिंहस्थ मिल #
जन हित में
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संवाददाता न्यूज | इंदौर
इंदौर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद अब पुराने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से चार तक 412 करोड़ के विकास कार्य शुरु होंगे। इस प्रोजेक्ट से स्टेशन के बाहर निजी दुकानों को कोई खतरा नहीं है लेकिन तीन साल में (सिंहस्थ से पहले) काम पूरा होने तक इस घने व्यावसायिक क्षेत्र के दुकानदारों और वाहन चालकों को ट्रैफिक समस्या से तो जूझना पड़ सकता है। एआईसीटीएसएल ऑफिस में सांसद शंकर लालवानी ने शहर के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया को रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिये केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई 412 करोड की मंजूरी संबंधी जानकारी दी। रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण को लेकर हुई चर्चा में मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू
शुक्ला, मधु वर्मा, जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, मनीष शर्मा मामा, रेल-उपभोक्ता संबंधी मामलों के जानकार नागेश नामजोशी सहित विभिन्न व्यापारिक-सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।रेलवे के उप मुख्य अभियंता दिनेश कुमार मीणा ने बताया स्टेशन का मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। डिजाइन अप्रूव हो गई है। नवीनीकरण में किए जाने वाले कार्यों का पॉवर प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। सांसद लालवानी ने 'प्रजातंत्र' से चर्चा में बताया पुराने स्टेशन (सियागंज तरफ) पर काफी जगह रेलवे की है, इस पार्किंग वाली जगह का उपयोग आधुनिकीकरण में किया जाएगा। तीन साल में सम्पन्न होने वाले काम के बाद नया भवन कुल नौ मंजिला बनेगा जिसमें भूमिगत पार्किंग के साथ एक मंजिल बेसमेंट में रहेगी। इस नौ मंजिला भवन में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सांसद ने कहा अभी इंदौर स्टेशन से 52 ट्रेन आती-जाती हैं और हर दिन 7500 यात्रियों का दबाव रहता है। तीन साल में विकास कार्य पूर्ण हो जाने के बाद 150 ट्रेन के फेर लगने के साथ ही प्रतिदिन एक लाख यात्रियों के दबाव मुताबिक ही कार्य पूर्ण हो जाने के बाद 150 ट्रेन के फेर लगने के साथ ही प्रतिदिन एक लाख यात्रियों के दबाव मुताबिक ही साथ ही प्रतिदिन एक लाख यात्रियों के दबाव मुताबिक ही
चार महीनों में पूर्ण होने के बाद पुराने स्टेशन का काफी कुछ दबाव यहां शिफ्ट हो जाएगा।
प्रोजेक्ट के सारे कार्य कराए जा रहे हैं। पहले फेस में पार्सल ऑफिस पुराने स्टेशन के चार प्लेटफार्म पर काम पूरे कराए जाएंगे। दूसरे चरण में बाद नेहरु पार्क स्टेशन होने के बाद पुराने स्टेशन का काफी कुछ दबाव यहां शिफ्ट हो जाएगा। प्लेटफार्म का आपरेशन एरिया और
चार तक का काम मंत्री विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट-प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए।
इंदौर में 412 करोड़ की लागत से नौ मंजिला बनेगा रेलवे स्टेशन
इंदौर को सिंहस्थ के पहले मिल सकती है सौगात इंदौर को सिंहस्थ के पहले मिल सकती है सौगात सिंहस्थ के पहले मिल सिंहस्थ मिल सकती...
जन हित में
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विशेष संवाददाता | इंदौर
इंदौर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद अब पुराने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से चार तक 412 करोड़ के विकास कार्य शुरु होंगे। इस प्रोजेक्ट से स्टेशन के बाहर निजी दुकानों को कोई खतरा नहीं है लेकिन तीन साल में (सिंहस्थ से पहले) काम पूरा होने तक इस घने व्यावसायिक क्षेत्र के दुकानदारों और वाहन चालकों को ट्रैफिक समस्या से तो जूझना पड़ सकता है। एआईसीटीएसएल ऑफिस में सांसद शंकर लालवानी ने शहर के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया को रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिये केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई 412 करोड की मंजूरी संबंधी जानकारी दी। रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण को लेकर हुई चर्चा में मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, मनीष शर्मा मामा, रेल-उपभोक्ता संबंधी मामलों के जानकार नागेश नामजोशी सहित विभिन्न व्यापारिक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे। रेलवे के उप मुख्य अभियंता दिनेश कुमार मीणा ने बताया स्टेशन का मेजर अपग्रेडेशन किया जा रहा है। डिजाइन अप्रूव हो गई है। नवीनीकरण में किए जाने वाले कार्यों का पॉवर प्रेजेंटेशन भी दिखाया गया। सांसद लालवानी ने 'प्रजातंत्र' से चर्चा में बताया पुराने स्टेशन (सियागंज तरफ) पर काफी जगह रेलवे की है, इस पार्किंग वाली जगह का उपयोग आधुनिकीकरण में किया जाएगा। तीन साल में सम्पन्न होने वाले काम के बाद नया भवन कुल 'प्रजातंत्र' से चर्चा में बताया पुराने स्टेशन (सियागंज तरफ) पर काफी जगह रेलवे की है, इस पार्किंग वाली जगह का उपयोग आधुनिकीकरण में किया जाएगा। तीन साल में सम्पन्न होने वाले काम के बाद नया भवन कुल जगह का उपयोग आधुनिकीकरण में किया जाएगा। तीन
चार महीनों में दबाव यहां शिफ्ट हो जाएगा।
नौ मंजिला बनेगा जिसमें भूमिगत पार्किंग के साथ एक मंजिल बेसमेंट में रहेगी। इस नौ मंजिला भवन में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सांसद ने कहा अभी इंदौर स्टेशन से 52 ट्रेन आती-जाती हैं और हर दिन 7500 यात्रियों का दबाव रहता है। तीन साल में विकास कार्य पूर्ण हो जाने के बाद 150 ट्रेन के फेर लगने के साथ ही प्रतिदिन एक लाख यात्रियों के दबाव मुताबिक ही प्रोजेक्ट के सारे कार्य कराए जा होगा। इस बीच लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पर ब्रिज निर्माण सहित अन्य कार्य भी अगले चार महीनों मेंपूर्ण होने के बाद प्लेटफार्म का आपरेशन एरिया और प्लेटफार्म नंबर एक से चार तक का काम मंत्री विजयवर्गीय ने प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन देखने के बाद पूछा कि सिंहस्थ के वक्त क्या स्थिति रहेगी स्टेशन निर्माण की। लोगों को परेशानी न हो इसके लिये क्या सोचा है? यात्रियों का दबाव खूब रहेगा, निर्माण समयावधि में पूरा नहीं होता है तो स्टेशन क्षेत्र में जगह जगह हेल्प डेस्क लगाना चाहिए। निर्माण अवधि में ट्रैफिक संबंधी परेशानी के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। के हल के लिए जिला-पुलिस प्रशासन को एक्शन प्लान बनाना का कहना था समयावधि पर काम पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है। किसी चुनौती से कम नहीं है।
हत्याकांड केस में बेस्ट फ्रेंड का होगा पर्दाफाश?
'मिस्ट्री गर्ल' अलका की एंट्री से मामला और पेचिदा हुआ
विशेष संवाददाता | इंदौर
मेघालय में हुए सनसनीखेज राजा रघुवंशी मर्डर केस में अब एक नया मोड़ आ गया है। अब तक इस केस की मुख्य आरोपी सोनम को माना जा रहा था, लेकिन अब एक नई 'मिस्ट्री गर्ल' अलका की एंट्री ने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। अलका को सोनम की बेहद करीबी दोस्त बताया जा रहा है और उसके रोल को लेकर रघुवंशी परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। परिवार की मांग है कि पुलिस अलका की भूमिका की गहराई से जांच करे और सोनम का नार्को टेस्ट कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। रघुवंशी अलका का व्यवहार काफी संदिग्ध था। 2 जून को मेघालय के सोहरा स्थित वेईसाडोंग फॉल्स के पास राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। इसके बाद 9 जून को मुख्य आरोपी सोनम ने गाजीपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। इस हत्या के आरोप में सोनम, अब सामने आने से जांच एक नई दिशा में बढ़ की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। भूमिका की भी गहन जांच कर रही
चार महीनों में दबाव यहां शिफ्ट हो जाएगा।
उसके कथित प्रेमी राज कुशवान को मेघालय के सोहरा स्थित वेईसाडोंग फॉल्स के पास राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। राजा रघुवंशी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। इसके बाद 9 जून को मुख्य आरोपी सोनम ने गाजीपुर में आत्मसमर्पण कर दिया। इस और आनंद कुमार पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब सामने आने से जांच एक नई दिशा में बढ़ की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
सवा दो माह बाद कोई विमान इंदौर आया
विशेष संवाददाता | इंदौर
करीब 17 वर्ष पहले राजनैतिक रंजिश में हुई तलवारबाजी में कोर्ट ने कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष सहित चार आरोपियों को दोषी पाते हुए जितने दिन जेल में रहे, उतना दिन की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश हेमंतकुमार रघुवंशी की कोर्ट ने जिन आरोपियों को दोषी पाया उनके नाम हैं- महिम शर्मा निवासी सुदामा नगर, नीलेश पाटिल निवासी जन सेवा नगर, चंदन राजोरिया निवासी लालबाग लाइन एवं किशोर रोकड़े निवासी जन सेवा नगर। इनके खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में 307 व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था लेकिन कोर्ट ने इन्हें हमला कर सामान्य रुप से घायल करने के आरोप में धारा 324 में दोषी माना और इन्हें गिरफ्तारी के समय जेल में भोगी गई अवधि (सभी की एक माह 13 दिवस) तक की सजा के अलावा एक एक
सवा दो माह बाद कोई विमान इंदौर आया
विशेष संवाददाता | इंदौर
करीब 17 वर्ष पहले राजनैतिक रंजिश में हुई तलवारबाजी में कोर्ट ने कांग्रेस के तत्कालीन उपाध्यक्ष सहित चार आरोपियों को दोषी पाते हुए जितने दिन जेल में रहे, उतना दिन की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश हेमंतकुमार रघुवंशी की कोर्ट ने जिन आरोपियों को दोषी पाया उनके नाम हैं- महिम शर्मा निवासी सुदामा नगर, नीलेश पाटिल निवासी जन सेवा नगर, चंदन राजोरिया निवासी लालबाग लाइन एवं किशोर रोकड़े निवासी जन सेवा नगर। इनके खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में 307 व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था लेकिन कोर्ट ने इन्हें हमला कर सामान्य रुप से घायल करने के आरोप में धारा 324 में दोषी माना और इन्हें गिरफ्तारी के समय जेल में भोगी गई अवधि (सभी की एक माह 13 दिवस) तक की सजा के अलावा एक एक
कोर्ट बिल्डिंग निर्माण साल में भी पूरा नहीं हुआ
जन हित में
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सरकारी कामों में देर न हो तो वह सरकारी काम कहलाएंगे ही नहीं। कुछ यही बात साबित हो रही है पीपल्याहाना तालाब के पास निर्मित की जा रही जिला कोर्ट की फटकार लगने के बाद भी इसके काम में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
संवाददाता न्यूज| इंदौर
सरकारी कामों में देर न हो तो वह सरकारी काम कहलाएंगे ही नहीं। कुछ यही बात साबित हो रही है पीपल्याहाना तालाब के पास निर्मित की जा रही जिला कोर्ट की नई बिल्डिंग के की जा रही जिला कोर्ट की नई बिल्डिंग के नई बिल्डिंग के की जा रही जिला
चार महीनों में पूर्ण होने के बाद पुराने स्टेशन का काफी कुछ दबाव यहां शिफ्ट हो जाएगा।
बाद भी इसके काम में कोई सुधार नहीं हो रहा है। बारिश आते ही चारों तरफ मलबा फैल रहा है और तालाब में भी गंदगी जमा हो रही है। लोक निर्माण विभाग न तो समय पर सड़कों-फ्लायओवरों गंदगी जमा हो रही है। लोक निर्माण विभाग न तो समय पर सड़कों-फ्लायओवरों
खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर के बाद उसे जेल भी भिजवाया गया है। इसके बावजूद भी प्रोजेक्ट में सुधार नजर नहीं आ रहा है। वहीं बार बार नए सिरे से टेंडर जारी करने के चक्कर में लागत तो बढ़ ही रही है नए सिरे से टेंडर जारी करने के चक्कर में लागत तो बढ़ ही रही है
पर निरीक्षण के दौरान नाराज हुए और हर हफ्ते रिपोर्ट मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिला कोर्ट की नई बिल्डिंग पीपल्याहाना तालाब के पास निर्मित की जा रही है, जो लेटलतीफी का शिकार टेंडर निरस्त भी हुए और एक फर्म के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी डिजाइन के साथ निर्माण सामग्री की मंजूरी में भी विलंब जैसी बातें सामने आई जिसके चलते विभागीय मंत्री ने आई जिसके चलते विभागीय मंत्री ने
बाबू मोशाय ममता दीदी के राज्य से हो
कुछ दिन पहले आए मंत्री सिंह ने ठेकेदार को निर्देशित किया कि कम से कम दो शिफ्टों में कार्य किया जाए और पर्याप्त मैनपावर तैनात रहे। कार्य को प्रतिदिन तीन शिफ्टों में संचालित किया जाए तथा कार्य की सतत निगरानी के कैमरे लगाए जाएं। साथ ही निर्माण की पर्याप्त मैनपावर तैनात रहे। कार्य को प्रतिदिन तीन शिफ्टों में संचालित किया जाए तथा कार्य की सतत निगरानी के कैमरे लगाए जाएं। साथ ही निर्माण की किया जाए तथा कार्य की सतत निगरानी के कैमरे लगाए जाएं। साथ ही निर्माण की