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रायपुर शुक्रवार 03 जनवरी 2025
संपादकीय

भ्रष्टाचार, महंगाई पर बोलती बंद क्यों?

भ्र ष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पूरे देश के लिए एक चुनौती हैं। इस बार भी देश के कई हिस्सों में लोग मान रहे हैं कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है।

सफेद रंग का सेब भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और

भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी सवालों को जन्म देती है। भ्रष्टाचार और

कभी-कभी चैनलों नेताओं की बहस दिखाई भाषा की बढ़ती

जपा में भी नैतिक और शुचिता के संधीय पाठ

कभी-कभी चैनलों नेताओं की बहस दिखाई भाषा की बढ़ती अपश्रृता देश के खतरनाक है। भाषा की बढ़ती अपश्रृता देश के लिए खतरनाक है।

Portrait of a man with glasses and white hair wearing formal shirt

प्रमोद अग्रवाल

लेखक, स्वतंत्र पत्रकार नई दिल्ली से

भी कभी यह लग सकता है कि कुछ चैनल बहसों और टीवी कार्यक्रमों में भाषा की शुचिता खोते जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में भाषा की गिरावट और अपशिष्टता का स्तर बढ़ रहा है। यह केवल भाषा का ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों का भी पतन है। चैनलों पर अक्सर देखा जाता है कि संवाददाता और मेजबान अपनी भाषा में अशिष्टता और अपशिष्टता का प्रयोग करते हैं, जो दर्शकों के लिए अनुचित है। यह स्थिति देश के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है। कभी कभी यह लग सकता है कि कुछ चैनल बहसों और टीवी कार्यक्रमों में भाषा की शुचिता खोते जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में भाषा की गिरावट और अपशिष्टता का स्तर बढ़ रहा है। यह केवल भाषा का ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों का भी पतन है। चैनलों पर अक्सर देखा जाता है कि संवाददाता और मेजबान अपनी भाषा में अशिष्टता और अपशिष्टता का प्रयोग करते हैं, जो दर्शकों के लिए अनुचित है। यह स्थिति देश के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है। यह स्थिति देश के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है।

भाषा की शुचिता और नैतिकता का संरक्षण आवश्यक है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता का दर्पण भी है। जब भाषा में अशिष्टता और अपशिष्टता बढ़ती है, तो यह समाज में असम्मान और असंवेदनशीलता को जन्म देती है। इसलिए, चैनलों और मीडिया संस्थानों को चाहिए कि वे अपनी भाषा की शुचिता बनाए रखें और नैतिकता का पालन करें। भाषा की शुचिता और नैतिकता का संरक्षण आवश्यक है। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और सभ्यता का दर्पण भी है। जब भाषा में अशिष्टता और अपशिष्टता बढ़ती है, तो यह समाज में असम्मान और असंवेदनशीलता को जन्म देती है। इसलिए, चैनलों और मीडिया संस्थानों को चाहिए कि वे अपनी भाषा की शुचिता बनाए रखें और नैतिकता का पालन करें।

जपा जैसे राजनीतिक दलों में भी नैतिकता और शुचिता के पाठ पढ़ाए जाने चाहिए। राजनीतिक संवाद और बहसों में शालीनता और सम्मान बनाए रखना आवश्यक है। इससे न केवल राजनीतिक संस्कृति सुधरेगी, बल्कि जनता का विश्वास भी बढ़ेगा। भाषा की शुचिता और नैतिकता का पालन करना हर नागरिक और संस्था की जिम्मेदारी है। अंततः, भाषा की शुचिता और नैतिकता का संरक्षण देश की प्रगति और सामाजिक सौहार्द के लिए अनिवार्य है। हमें अपने संवादों और व्यवहारों में शालीनता और सम्मान बनाए रखना चाहिए ताकि हमारा समाज और देश एक बेहतर और सभ्य स्थान बन सके। अंततः, भाषा की शुचिता और नैतिकता का संरक्षण देश की प्रगति और सामाजिक सौहार्द के लिए अनिवार्य है। हमें अपने संवादों और व्यवहारों में शालीनता और सम्मान बनाए रखना चाहिए ताकि हमारा समाज और देश एक बेहतर और सभ्य स्थान बन सके। अंततः, भाषा की शुचिता और नैतिकता का संरक्षण देश की प्रगति और सामाजिक सौहार्द के लिए अनिवार्य है। हमें अपने संवादों और व्यवहारों में शालीनता और सम्मान बनाए

Group of people holding orange flags with BJP lotus symbol at a political rally

इस पहल की मीडिया, जनता व खुद पार्टी में इतनी जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई थी कि अगले ही दिन उन्हें पार्टी के बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा। उत्तर प्रदेश में ही अखिलेश समाजवादी पार्टी की सरकार में राज्य के सहकारिता मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा को विधानसभा चुनाव के अवसर पर पार्टी में शामिल करने का नहीं हुआ फैसला पड़ा था। तब राजनाथ सिंह पार्टी अध्यक्ष थे। बाबू सिंह कुशवाहा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। हाल ही में देने की पड़ी ऐसी एक एक्सप्लानेशन की हुई। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी जॉइन कराने के इस चलन पर तमाम सवाल उठे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी कई बार ऐसी जॉइनिंग पर सफाई देनी पड़ी। हाल ही में माफिया डॉन अतीक अहमद के भाई अशरफ की पत्नी को भाजपा में शामिल कर लिया। तत्कालीन मीडिया में विरोध हुआ। पार्टी को सफाई देनी पड़ी कि वे पार्टी की सदस्य नहीं हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले जेल से छूटे बृजेश सिंह को भाजपा में लिए जाने की चर्चा जोरों पर थी। लेकिन बाद में ऐसा नहीं हो पाया था।

वाराणसी के पूर्व विधायक अजय श्रीवास्तव कुंदन को शामिल करने पर प्रदेश नेतृत्व को भी पार्टी के भीतर तीखी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ी थी। उन्हें टिकट भी मिल गया था। हालांकि ऐन वक्त पर टिकट काटकर पार्टी ने पुराने कार्यकर्ता रविंद्र जायसवाल को चुनावी मैदान में उतार दिया था। साथ-साथ श्रीप्रकाश ने भी भाजपा छोड़ी थी। श्रीप्रकाश ने अजीत सिंह की रालोद का दामन थामा था और 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। उस दौरान भी यह बात उठी थी कि एक समय पार्टी के स्टार प्रचारक रहे श्रीप्रकाश जायसवाल को पार्टी ने एकाएक बाहर का रास्ता क्यों दिखा दिया। फिलहाल एक बार फिर से चुनाव करीब आते ही कई पुराने दिग्गज पार्टी में लौटने की कवायद में दिखा रही है। इस कोशिश में केंद्र के पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और बाहुबली नेता अजय राय जैसे नेताओं के भी नाम चल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ अन्य दिग्गज नेता भी संपर्क में हैं। ऐसे में पार्टी को जहां अपने पुराने कार्यकर्ताओं को साधने की चुनौती होगी, वहीं यह भी ध्यान रखना होगा कि नए लोगों को पार्टी में लेने से कहीं पुरानी टीम में असंतोष न फैले। सूत्र बताते हैं कि अजय राय और श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपनी ओर से कोई पहल नहीं की है। जब तक शीर्ष नेतृत्व कोई संदेश नहीं देता श्रीप्रकाश और अजय राय चुप ही रहेंगे। जब तक शीर्ष नेतृत्व कोई संदेश नहीं देता श्रीप्रकाश और अजय राय चुप ही रहेंगे। फिलहाल एक बार फिर से चुनाव करीब आते ही कई पुराने दिग्गज पार्टी में लौटने की कवायद में दिखा रही है। इस कोशिश में केंद्र के पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और बाहुबली नेता अजय राय जैसे नेताओं के भी नाम चल रहे हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ अन्य दिग्गज नेता भी संपर्क में हैं। ऐसे में पार्टी को जहां अपने पुराने कार्यकर्ताओं को साधने की चुनौती होगी, वहीं यह भी ध्यान रखना होगा कि नए लोगों को पार्टी में लेने से कहीं पुरानी टीम में असंतोष न फैले। सूत्र बताते हैं कि अजय राय और श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपनी ओर से कोई पहल नहीं की है। जब तक शीर्ष नेतृत्व कोई संदेश नहीं देता श्रीप्रकाश और अजय राय चुप ही रहेंगे। जब तक शीर्ष नेतृत्व कोई संदेश नहीं देता श्रीप्रकाश और अजय राय चुप ही रहेंगे।

विचार

चरित्र के उत्कृष्ट रूपों का जन्म ही इंसान के जीवन का लक्ष्य है। अपने चरित्र को सुधारने के लिए प्रयास करना ही जीवन का उद्देश्य है। चरित्र के बिना अच्छा जीवन तो नहीं बिताया जाता है। यदि व्यक्ति का चरित्र अच्छा हो तो उसका व्यक्तित्व भी अच्छा होता है। चरित्र के उत्कृष्ट रूपों का जन्म ही इंसान के जीवन का लक्ष्य है। अपने चरित्र को सुधारने के लिए प्रयास करना ही जीवन का उद्देश्य है। चरित्र के बिना अच्छा जीवन तो नहीं जाता है।

चाणक्य
Portrait of Chanakya, an ancient Indian teacher, philosopher, economist, jurist and royal advisor

जब आप किसी काम को करना चाहते हैं, तो असफलता से न डरें और उस काम को काम का न सोचें, जो लोग काम को न करना चाहते हैं, जो लोग कामयाबी से डरते हैं, वे कभी सफल नहीं होते हैं। जब आप किसी काम को करना चाहते हैं, तो असफलता से न डरें और उस काम को काम का न सोचें।

सुकृत
Portrait of Socrates, classical Greek philosopher with beard and long hair

जब आप किसी काम को करना चाहते हैं, तो उस काम को न करें, जो लोग कामयाबी से डरते हैं और असफलता से न डरें और उस काम को काम का न सोचें, जो लोग कामयाबी से डरते हैं। जब आप किसी काम को करना चाहते हैं, तो उस काम को न करें, जो लोग कामयाबी से डरते हैं और लता

Business News

साप्ताहिक समीक्षा : नई सरकार कर सकती है गोल्ड पॉलिसी में बदलाव

चुनावी माहौल से सराफा बाजार प्रभावित

सराफा बाजार में लोकसभा चुनाव का असर साफ नजर आने लगा है। सोने और चांदी की कीमतों में आई जोरदार गिरावट के बावजूद खरीदार बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। नई सरकार के बाद गोल्ड पॉलिसी में बदलाव हो सकता है। ऐसे में ईटीएफ ड्यूटी के साथ ही 10 फीसदी तक लगने वाले प्रीमियम में भी कटौती प्रीमियम में भी कटौती हो सकती है।

व्यापार प्रतिनिधि कवर्धा

लोकसभा चुनावी माहौल को भी सराफा बाजार के कारोबार पर असर जरूर होता है। मिलता है। आमतौर पर जब सोने में गिरावट बढ़ती है तो खरीदारों की लाइन लग जाती है। फरवरी के पहले महीने में सोना कैटबैक प्लस का स्कीम 1950 रुपए प्रति ग्राम और चांदी कैटबैक 4025 रुपए प्रति किलो के टारगेट पर 813 ग्राम की खरीदें हो गईं। इसी तरह 30820 ग्राम सोने की कीमत 47375 रुपए प्रति 3 औंस तक की सोना कटौती 28870 रु. और चांदी का भाव चौंसठ (चौसठ) 43350 रुपए प्रति किलो तक गई। इसके बावजूद खरीदार बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। पिछले साल में अमेरिका में तेजी आई- (चौसठ) 43350 रुपए प्रति किलो तक गई। इसके बावजूद खरीदार बाजार से दूरी बनाए हुए हैं। पिछले साल में अमेरिका में तेजी आई- (चौसठ) 43350 रुपए प्रति किलो तक गई। इसके बावजूद खरीदार

सोने-चांदी का आयात शुल्क मूल्य घटा

jewelry necklace

सरकार ने सोने का आयात शुल्क मूल्य 2 फरवरी को घटा दिया। अब सोने के 10 ग्राम सोने का आयात शुल्क 445 डॉलर से घटाकर 421 डॉलर कर दिया गया है। चांदी का आयात शुल्क मूल्य भी 694 डॉलर से घटाकर 644 डॉलर कर दिया गया है। आयात शुल्क में कटौती से बाजार धारणा सकारात्मक में बढ़ने संभावना दी गई है। हालांकि बाजार में खरीदारी धीमी बनी हुई है। आयात शुल्क में आयात शुल्क में 1 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया।

सरकार ने सोने का आयात शुल्क मूल्य 2 फरवरी को घटा दिया। अब सोने के 10 ग्राम सोने का आयात शुल्क 445 डॉलर से घटाकर 421 डॉलर कर दिया गया है। चांदी का आयात शुल्क मूल्य भी 694 डॉलर से घटाकर 644 डॉलर कर दिया गया है। आयात शुल्क में कटौती से बाजार धारणा सकारात्मक में बढ़ने संभावना दी गई है। हालांकि बाजार में खरीदारी धीमी बनी हुई है। आयात शुल्क में आयात शुल्क में 1 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया।

दरअसल गोल्डन सेंटर की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की हड़ताल से जेठ तक कई जगहों पर गोल्डन सेंटर बंद होने लगे हैं। इससे सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ रहा है। सोने का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सोने का भाव 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। सरकार के फैसले से सोने के निर्माताओं के कमजोर उतार ने इसकी कीमतों में गिरावट आई।दरअसल गोल्डन सेंटर की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की हड़ताल से जेठ तक कई जगहों पर गोल्डन सेंटर बंद होने लगे हैं। इससे सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ रहा है। सोने का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सोने का भाव 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। सरकार के फैसले से सोने के निर्माताओं के कमजोर उतार ने इसकी कीमतों में गिरावट आई।दरअसल गोल्डन सेंटर की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की हड़ताल से जेठ तक कई जगहों पर गोल्डन सेंटर बंद होने लगे हैं। इससे सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ रहा है। सोने का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सोने का भाव 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। सरकार के फैसले से सोने के निर्माताओं के कमजोर उतार ने इसकी कीमतों में गिरावट आई।दरअसल गोल्डन सेंटर की फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की हड़ताल से जेठ तक कई जगहों पर गोल्डन सेंटर बंद होने लगे हैं। इससे सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव आ रहा है। सोने का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। सोने का भाव 8 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है। सरकार के फैसले से सोने के निर्माताओं के कमजोर उतार ने इसकी कीमतों में गिरावट आई।

बुलिटन मार्केट

सोना और चांदी में ग्राहक का अभाव

इंदौर। सोने और चांदी में फिलहाल उपभोक्ता ग्राहक-की कमी बना हुआ है। गुरुवार शाम तक सोना कैट्रेड 28890 रु. का औसत था। ऑसिंध्रक कैट्रेड 28870 रु. का था। सुबह सोना स्पॉट 28980 रु. के स्तर पर था, चांदी कैट्रेड (एएस) भी 43400 से गिरकर 43350 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर तक गिरा 29250 रुपए।इंदौर। सोना कैट्रेड 29000 सोना काॅट्रेड 28890 रु. का 43500 सिक्का चांदी सिक्का 850 रुपए। सोना कैट्रेड 29100 से फिलहाल उपभोक्ता ग्राहक का अभाव बना हुआ है। गुरुवार शाम तक सोना कैट्रेड 28890 रु. का औसत था। ऑसिंध्रक कैट्रेड 28870 रु. के स्तर पर था, चांदी कैट्रेड (999) 43325 चांदी सिक्का (प्रति नग) 830 चांदी कैट्रेड (99.50) रु। शाम 28870 सोना से (कपड़ा चांदी) काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए। शाम 28870 सोना से काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए। 28870 सोना से काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए।

खिलाफ उपसरपंच और पंचों ने खोला मोर्चा खिलाफ उपसरपंच ओखोला मोर्चा

संवाददाता कवर्धा

कवर्धा। सरपंच की कार्यशैली से नाराज उप सरपंच और पंचों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बुधवार को रायपुर-नेशनल हाईवे-30 पर ट्रक एवं अन्य वाहनों को रोक, टोल प्लाजा के विरोध प्रदर्शन को एक घंटे से एक घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला ग्राम पंचायत दरसारंगपुर का है, जहां उपसरपंच एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पंचायत भवन में 6-01-1 नर्सरी वितरण शिविर का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों ने उपसरपंच एवं पंचों द्वारा पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ और उपसरपंच द्वारा वेदप्रसाद पहुंचे को दोषी ठहराते हुए प्रदर्शन किया। वहीं गांव के लोग भी नाराज दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के इस गांव में चल रहे विकास कार्यों की गति लटार से गोंजाल नहीं है। जनप्रतिनिधियों को समझाया गया है कि इस तरह से विकास कार्य होगा। इस से कोई ग्रामीणों ने उपसरपंच एवं पंचों द्वारा पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ और उपसरपंच द्वारा वेदप्रसाद पहुंचे को दोषी ठहराते हुए प्रदर्शन किया। वहीं गांव के लोग भी नाराज दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के इस गांव में चल रहे विकास कार्यों की गति लटार से गोंजाल नहीं है। जनप्रतिनिधियों को समझाया गया है कि इस तरह से विकास कार्य होगा। इस से कोई गया है कि इस तरह से विकास कार्य होगा।

कलेक्टर कार्यालय आमंत्रित करते हुए सरपंच और उप सरपंच को समझाइश दी।लेकिन कलेक्टर के प्रस्ताव को ठुकराते हुए सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने रायपुर-नेशनल हाईवे पहुंचकर चक्काजाम कर दिया।

चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। वहीं आवाजाही करने वाले वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच तनाव के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उपसरपंच एवं पंचों द्वारा प्रदर्शन को लेकर यह एक विरोध प्रदर्शन है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत अध्यक्ष एवं पंचों द्वारा विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। मामला ग्राम पंचायत दरसारंगपुर का है, जहां राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पंचायत भवन में नर्सरी का आयोजन किया गया था। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। वहीं आवाजाही करने वाले वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच तनाव के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उपसरपंच एवं पंचों द्वारा प्रदर्शन को लेकर यह एक विरोध प्रदर्शन है। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यों लापरवाही बरती जा लापरवाही बरती जा रही है।

सोना और चांदी में ग्राहक का अभाव

इंदौर। सोने और चांदी में फिलहाल उपभोक्ता ग्राहक-की कमी बना हुआ है। गुरुवार शाम तक सोना कैट्रेड 28890 रु. का औसत था। ऑसिंध्रक कैट्रेड 28870 रु. का था। सुबह सोना स्पॉट 28980 रु. के स्तर पर था, चांदी कैट्रेड (एएस) भी 43400 से गिरकर 43350 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर व्यापार कारोबार कर। सोना चांदी काॅट्रेड (9999) 43775 चांदी कैट्रेड (999) 43350 रुपए एवं (कपड़ा चांदी) 43325 चांदी सिक्का (प्रति नग) 830 चांदी सिक्का (999.50) 291 रुपए 28870 सोना काॅट्रेड 28840 रुपए। सोना (स्पॉट) कैट्रेड 43200 चांदी से 43350 सिक्का 840 सोना कैट्रेड 29100 तक गिरा 29250 रुपए।इंदौर। सोना कैट्रेड 29000 सोना काॅट्रेड 28890 रु. का 43500 सिक्का चांदी सिक्का 850 रुपए। सोना कैट्रेड 29100 से फिलहाल उपभोक्ता ग्राहक का अभाव बना हुआ है। गुरुवार शाम तक सोना कैट्रेड 28890 रु. का औसत था। ऑसिंध्रक कैट्रेड 28870 रु. के स्तर पर था, चांदी कैट्रेड (999) 43325 चांदी सिक्का (प्रति नग) 830 चांदी कैट्रेड (99.50) रु। शाम 28870 सोना से (कपड़ा चांदी) काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए। शाम 28870 सोना से काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए। चांदी कैट्रेड (999) 43325 चांदी सिक्का (प्रति नग) 830 चांदी कैट्रेड (99.50) रु। शाम 28870 सोना से (कपड़ा चांदी) काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए। शाम 28870 सोना से काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए से काॅट्रेड 28850 चांदी सिक्का 840 रुपए।

खिलाफ उपसरपंच और पंचों ने खोला मोर्चा खिलाफ उपसरपंच ओखोला मोर्चा

संवाददाता कवर्धा

कवर्धा। सरपंच की कार्यशैली से नाराज उप सरपंच और पंचों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बुधवार को रायपुर-नेशनल हाईवे-30 पर ट्रक एवं अन्य वाहनों को रोक, टोल प्लाजा के विरोध प्रदर्शन को एक घंटे से एक घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला ग्राम पंचायत दरसारंगपुर का है, जहां उपसरपंच एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पंचायत भवन में 6-01-1 नर्सरी वितरण शिविर का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों ने उपसरपंच एवं पंचों द्वारा पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ और उपसरपंच द्वारा वेदप्रसाद पहुंचे को दोषी ठहराते हुए प्रदर्शन किया। वहीं गांव के लोग भी नाराज दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के इस गांव में चल रहे विकास कार्यों की गति लटार से गोंजाल नहीं है। जनप्रतिनिधियों को समझाया गया है कि इस तरह से विकास कार्य होगा। इस से कोई ग्रामीणों ने उपसरपंच एवं पंचों द्वारा पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ और उपसरपंच द्वारा वेदप्रसाद पहुंचे को दोषी ठहराते हुए प्रदर्शन किया। वहीं गांव के लोग भी नाराज दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के इस गांव में चल रहे विकास कार्यों की गति लटार से गोंजाल नहीं है। जनप्रतिनिधियों को समझाया गया है कि इस तरह से विकास कार्य होगा। इस से कोई गया है कि इस तरह से विकास कार्य होगा।

कलेक्टर कार्यालय आमंत्रित करते हुए सरपंच और उप सरपंच को समझाइश दी।लेकिन कलेक्टर के प्रस्ताव को ठुकराते हुए सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने रायपुर-नेशनल हाईवे पहुंचकर चक्काजाम कर दिया।

चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। वहीं आवाजाही करने वाले वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच तनाव के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उपसरपंच एवं पंचों द्वारा प्रदर्शन को लेकर यह एक विरोध प्रदर्शन है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत अध्यक्ष एवं पंचों द्वारा विकास कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। मामला ग्राम पंचायत दरसारंगपुर का है, जहां राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पंचायत भवन में नर्सरी का आयोजन किया गया था। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। वहीं आवाजाही करने वाले वाहन चालक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच तनाव के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि उपसरपंच एवं पंचों द्वारा प्रदर्शन को लेकर यह एक विरोध प्रदर्शन है। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यों लापरवाही बरती जा लापरवाही बरती जा रही है।