जब किसी घटना का कोई गवाह और साक्ष्य नहीं मिलता तो कराया जाता है विशेष टेस्ट
सबूत जुटाने के लिए चंदन व माहिम का टेस्ट
अगर गैप बढ़ाई गई तो परीक्षा ही अगर गैप बढ़ाई गई तो परीक्षा ही मार्च के मध्य तक चलेगी और फिर कैसे रिजल्ट निकलेगा।
रायपुर ● रायपुर
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा के पेपर के बीच में दिए गए गैप को बढ़ाया जाए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों को अभी खास राहत नहीं मिली राहत नहीं मिली राहत नहीं।
इन्वेस्टीगेशन
23 फरवरी से आगामी एग्जाम्स शुरू होना प्रायः तय है। यूनिवर्सिटी प्रशासन को छात्रों के पास जवाब देने में मंजूरी लेना जरूरी है।देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा के पेपर के बीच में दिए गए गैप को बढ़ाना चाहिए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से छात्रों ने मांग पहुंचाई। विद्यार्थियों का कहना है कि एग्जाम की तारीखें पास आ रही हैं लेकिन उन्हें अब तक न तो टाइम टेबल मिल पाया है और न ही यह पता है कि परीक्षा कितने घंटे की होगी। जो पेपर आ रहे हैं, वे विद्यार्थियों के लिए कठिन हैं। लेकिन उन्हें अब तक न तो टाइम टेबल मिल पाया है और न ही यह पता है कि परीक्षा।
परम पुरुष मेरे नंदनदन है और शकल बज्र नारी कृष्ण के अतिरिक्त और कोई पुरुष नहीं है.. श्रीकृष्ण जैसा कोई नहीं जो है बस वही हैं।
के पास पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण उन्हें समय पर मूल्यांकन और रिजल्ट देने में परेशानी हो रही है। यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों को मूल्यांकन भवन पर रिपोर्टिंग के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्हें न तो टाइम टेबल मिला है और न ही यह पता चल पा रहा है कि परीक्षा कितने घंटे की होगी। जो पेपर निर्धारित किए गए हैं, वे बहुत कठिन हैं। इस कारण से विद्यार्थी चाहते हैं कि पेपर के बीच में गैप बढ़ाया जाए ताकि उन्हें तैयारी का समय मिल सके। इस कारण से विद्यार्थी चाहते हैं कि पेपर के बीच में गैप बढ़ाया जाए ताकि उन्हें तैयारी का समय मिल सके। शिक्षकों का भी कहना है कि मूल्यांकन भवन पर स्टाफ की कमी के कारण मूल्यांकन में समय लग रहा है और इसका असर रिजल्ट पर भी पड़ सकता है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि जल्द ही टाइम टेबल जारी किया जाएगा और मूल्यांकन कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा है कि जल्द ही टाइम टेबल जारी किया जाएगा और मूल्यांकन कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा किया जाएगा। विद्यार्थियों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय मूल्यांकन भवन पर स्टाफ की कमी को जल्द पूरा करे और एग्जाम के पेपर के बीच में पर्याप्त गैप दिया जाए ताकि विद्यार्थियों को तैयारी का समय मिल सके।विद्यार्थियों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय मूल्यांकन भवन पर स्टाफ की कमी को|
विद्यार्थियों की मांग है कि परीक्षा के पेपर के बीच में गैप को
परीक्षा के पेपर के बीच में गैप को बढ़ाया बढ़ाया
आदित्य भारत न्यूज ● रायपुर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों की मांग है कि परीक्षा के पेपर के बीच में गैप को बढ़ाया बढ़ाया जाए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से यह बात पहुंची तो विद्यार्थियों को अभी खास राहत नहीं मिली। 23 फरवरी से आगामी एग्जाम शुरू होना तय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के पास जवाब देने में मंजूरी लेना जरूरी है लेना जरूरी है लेना जरूरी।
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा के पेपर के बीच में दिए गए गैप को बढ़ाया जाए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों को अभी खास राहत नहीं मिली। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों को अभी खास राहत नहीं मिली खास राहत नहीं मिली खास । देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा के पेपर के बीच में दिए गए गैप को बढ़ाया जाए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों को अभी खास राहत नहीं मिली। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों को अभी खास राहत नहीं मिली खास राहत नहीं मिली मिली। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी द्वारा विद्यार्थियों का कहना है कि
में रजिस्ट्रेशन भोपाल में रजिस्ट्रेशन के लिए जमा करता है। वास्तव में यूनिवर्सिटी को नियमानुसार कहना चाहिए कि विद्यार्थियों का रिजल्ट निकल भी जाता है मार्च के पहले निकालना होता है। अगर यूनिवर्सिटी मिलाने के लिए रिजल्ट निकालती है, तो यूनिवर्सिटी को नियमानुसार कहना पड़ेगा कि विद्यार्थियों का रिजल्ट मार्च के पहले निकालना होता है के पहले निकालना निकालना होता है।
सिंधियों की याचिका कर
राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों को अनदेखा कर इस तरह से अधिकार देना उचित नहीं है। किसी भी राज्य सरकार को अधिकार नहीं दिया जाए कि वह किसी को भी नागरिकता दे सके। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों। राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों को अनदेखा कर इस तरह से अधिकार देना उचित नहीं है। किसी भी राज्य सरकार को अधिकार नहीं दिया जाए कि वह किसी को भी नागरिकता दे सके। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। डिग्री रजिस्ट्रार प्रशासन से ये बात पहुंची तो विद्यार्थियों प्रशासन से ये बात ।
मंदिर की दुर्दशा देख टीआई ने जवानों को हड़काया...
इंदौर। सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते
मंदिर की दुर्दशा देख टीआई ने जवानों को हड़काया...
इंदौर। सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते सत्यनारायण मंदिर बरगोदा की दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते दुर्दशा के दौरान में हुए में नेटिंग और दूसरे कार्य खराब पड़े भमोरी में पुलिस चौकी के पास एक बाउंड्री में पड़े मंदिर की सूखे पत्ते
अब नहीं देना होगा लर्निंग लाइसेंस के लिए टेस्ट
पाक सिंधियों को नागरिकता : केंद्र को जवाब का अंतिम अवसर
आदित्य भारत न्यूज ● रायपुर
अब परिवहन विभाग की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब परिवहन विभाग के दफ्तर में जाकर टेस्ट देने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार के आदेश के बाद परिवहन विभाग की ओर से यह नई सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत अब कोई भी आवेदक मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण लेकर वहां से जारी सर्टिफिकेट के आधार पर लर्निंग लाइसेंस बनवा सकेगा। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए जाए।
यह नई व्यवस्था आगामी 23 मई से लागू की जाएगी। आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए।यह नई व्यवस्था आगामी 23 मई से लागू की जाएगी। आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। यह नई व्यवस्था आगामी 23 मई से लागू की जाएगी। आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए।यह नई व्यवस्था आगामी 23 मई से लागू की जाएगी। आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल|
में रजिस्ट्रेशन भोपाल में रजिस्ट्रेशन के लिए जमा करता है। वास्तव में यूनिवर्सिटी को नियमानुसार कहना चाहिए कि विद्यार्थियों का रिजल्ट निकल भी जाता है मार्च के पहले निकालना होता है। अगर यूनिवर्सिटी मिलाने के लिए रिजल्ट निकालती है, तो यूनिवर्सिटी को नियमानुसार कहना पड़ेगा कि विद्यार्थियों का रिजल्ट मार्च के पहले निकालना होता।
लाइसेंस कैटेगरी बनेगी
राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों को अनदेखा कर इस तरह से अधिकार देना उचित नहीं है। किसी भी राज्य सरकार को अधिकार नहीं दिया जाए कि वह किसी को भी नागरिकता दे सके। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों को अनदेखा कर इस तरह से अधिकार देना उचित नहीं है। किसी भी राज्य सरकार को अधिकार नहीं दिया जाए कि वह किसी को भी नागरिकता दे सके। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए हटा जाए हटा जाए।
लाइसेंस कैटेगरी बनेगी
राष्ट्रीय सुरक्षा के मसलों को अनदेखा कर इस तरह से अधिकार देना उचित नहीं है। किसी भी राज्य सरकार को अधिकार नहीं दिया जाए कि वह किसी को भी नागरिकता दे सके। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया गया कानून हटा जाए। संविधान के प्रावधानों के खिलाफ किया ।
विल्डिंग बन गई अब यात्र आई पाइप लाइन यात्र आई पाइप
आदित्य भारत न्यूज़ ● भोपाल
kjhgfdदेश के अलग-अलग हिस्सों से अब भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सोमवार को फिर से कुछ किसानों ने आत्महत्या की खबरों ने सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल। kjhgfdदेश के अलग-अलग हिस्सों से अब भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सोमवार को फिर से कुछ किसानों ने आत्महत्या की खबरों ने सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल। kjhgfdदेश के अलग-अलग हिस्सों से अब भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सोमवार को फिर से कुछ किसानों ने आत्महत्या की खबरों ने सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल।kjhgfdदेश के अलग-अलग हिस्सों से अब भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। सोमवार को फिर से कुछ किसानों ने आत्महत्या की खबरों ने सरकार की योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसान क्यों कर रहे हैं अब भी आत्महत्या
आदित्य भारत न्यूज़ ● भोपाल
kjhgfdदेश नांगल कमाने के लिए लोग दूर-दूर जाते हैं। मगर अब सरकारी के तहत विदेशियों का अध्ययन कर आने वालों की संख्या बढ़ रही है। उनमें सबसे ज्यादा किसानों के बेटे हैं। एक ओर बुजुर्ग किसान आत्महत्या कर रहे हैं। एक ओर बुजुर्ग किसान आत्महत्या कर।
एंकर न्यूज
देश नांगल कमाने के लिए लोग दूर-दूर जाते हैं। मगर अब सरकारी के तहत विदेशियों का अध्ययन कर आने वालों की संख्या बढ़ रही है। उनमें सबसे ज्यादा किसानों के बेटे हैं। आंकड़े बताते हैं कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जाने वालों में 40 से 45 प्रतिशत किसानों के बेटे हैं। एक ओर बुजुर्ग किसान आत्महत्या कर रहे हैं। एक ओर बुजुर्ग किसान आत्महत्या एक ओर बुजुर्ग किसान आत्महत्या
उपभोक्ता हो रहे हैं ज्यादा परेशान ▶
जब गेहूं फसल 20-25 क्विंटल होती है तब लागत और बिक्री मूल्य में अंतर कम रह जाता है। ये किसान ही कर्ज लेने के लिए बैंकों में जाते हैं। ये किसान ही कर्ज लेने के लिए बैंकों में जाते हैं लिए बैंकों में जाते हैं।
किसानों में आत्महत्या की दर (प्रति 1,00,000) राष्ट्रीय औसत से अधिक है। राज्य में कहीं यह दर अधिक है तो कहीं कम। किसानों के बीच की आयु 35-55 वर्ष के किसानों में आत्महत्या दर अधिक।
राज्य में कहीं यह दर अधिक है तो कहीं कम। किसानों के बीच की आयु 35-55 वर्ष के किसानों में आत्महत्या दर अधिक है। ये किसान ही कर्ज लेने के लिए बैंकों में जाते हैं।ये किसान ही कर्ज लेने के लिए बैंकों में जाते हैं।ये किसान ही कर्ज लेने के लिए बैंकों में जाते हैं।
इंदौर,
सवाल को आधार बनाकर रीडर्स यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे लौटाएगे? इसी सवाल को आधार बनाकर रीडर्स डाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। फिर पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे वापस से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे वापस से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे वापस से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे वापस से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते इंतजार किया कि कितने हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
लगातार प्रहार से प्रदेश भी जागा, मैग्नी बैग मैग्नी बैग
इंदौर , सवाल को आधार बनाकर रीडर्स यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे लौटाएंगे? इसी सवाल को आधार बनाकर रीडर्स डाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स मिराए।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। इस आधार पर चुना गया स्थानों पर रुपर से भरे पर्स गिराए। यदि आपको नोटों से भरा पर्स सहक पर मिले तो आप उसे लौटाएंगे? फिर रीडर्स डाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पसं गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
इंदौर,
इंदौर, सवाल को आधार बनाकर रीडर्स यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे लौटाएंगे? इसी सवाल को आधार बनाकर रीडर्स वाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने चापस आते हैं। इस आधार पर चुना गया स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
यदि आपको नौटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे लौटाएगे? फिर इंतजार किया कि कितने लौटाएंगे? फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। इस आधार पर चुना इसी सवाल को आधार बनकर रीडर्स डाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। इसी सवाल को आधार बनकर रीडर्स डाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
वसूलते वसूलते वसूलते
कर्ज़े का रहने वाला कर्ज़े का रहने वाला साल 18 सौंठी के मरीज दौरान साल 18 सौंठी के मरीज दौरान के मरीज दौरान चुके हैं।
लगातार प्रहार से प्रदेश भी जागा, मैग्नी बैग जागा
इंदौर,
इंदौर, सवाल को आधार बनाकर रीडर्स यदि आपको नोटों से भरा पर्स सड़क पर मिले तो आप उसे लौटाएंगे? इसी सवाल को आधार बनाकर रीडर्स डाइजेस्ट मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। इस आधार पर चुना मैग्जीन ने । इस आधार पर चुना मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।
इस आधार पर चुना मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। इस आधार पर चुना मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। इस आधार पर चुना इस आधार पर चुना मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। इस आधार पर चुना मैग्जीन ने दुनियाभर के शहरों में अलग-अलग स्थानों पर रुपए से भरे पर्स गिराए। इस आधार पर चुना। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं। फिर इंतजार किया कि कितने वापस आते हैं।